हम तुम
1212-1122-1212-22/112
जो साथ इश्क में हम तुम चले नहीं होते,
हमारे बीच में ये मसअले नहीं होते//1
मिरे नसीब में होता अगर तुम्हारा साथ,
तो दिल में दर्द के ये मरहले नहीं होते//2
हम अहले इश्क़ हैं तक़दीर की अदालत में,
हमारे हक़ में कभी फ़ैसले नहीं होते//3
सियासतों ने हमें कर दिया जुदा वर्ना,
दिलों के बीच कभी फ़ासले नहीं होते//4
बदल सका न मिरी नेकियों की आदत मैं,
वगरना हाँथ ये मेरे जले नहीं होते//5
सफ़र से डर के अगर वक़्त भी ठहर जाता,
तो उसके पाँव में ये आबले नहीं होते//6
हुई न होती जो सूरज औ' चाँद की अनबन,
न आतीं सुब्हें, ये दिन भी ढले नहीं होते//7
बड़ी अजीब है ये दिल की कश्मकश 'राजन',
जो तुम न होते तो ये वलवले नहीं होते//8
राजन तिवारी 'राजन'
इंदौर (म.प्र.)
7898897777